Sankashti Chaturthi Vrat – Complete Guide (Vidhi, Moon Darshan & Angaraki Chaturthi)

संकष्टी चतुर्थी व्रत - सम्पूर्ण मार्गदर्शिका (विधि, चंद्र दर्शन एवं अंगारकी चतुर्थी)

संकष्टी चतुर्थी वह मासिक उपवास है जो कृष्ण पक्ष — घटते चंद्रमा के पखवाड़े — के चौथे दिन (चतुर्थी) को बाधाओं को दूर करने वाले भगवान गणेश को समर्पित करके रखा जाता है। यह हर महीने मनाया जाने वाला हिंदू परंपरा में सबसे शक्तिशाली आवर्ती व्रतों में से एक है।

संकष्टी शब्द का अर्थ है "महान कठिनाई से मुक्ति।" माना जाता है कि इस व्रत का पालन करने से आपके जीवन, करियर, रिश्तों और स्वास्थ्य से सबसे जिद्दी बाधाएं दूर होती हैं - और गणेश स्वयं इस दिन भक्तों के लिए विशेष रूप से सुलभ माने जाते हैं।


संकष्टी चतुर्थी 2026 — तिथियां

संकष्टी चतुर्थी महीने में एक बार आती है। जब यह मंगलवार को पड़ती है, तो इसे अंगारकी चतुर्थी कहा जाता है - यह सबसे शक्तिशाली रूप है, जिसमें मंगल (मंगल ग्रह) और गणेश की संयुक्त ऊर्जा होती है। 2026 की महत्वपूर्ण तिथियां — अपने शहर के सटीक समय के लिए हिंदू पंचांग देखें।


संकष्टी चतुर्थी व्रत सामग्री सूची

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संकष्टी चतुर्थी व्रत विधि — चरण-दर-चरण

चरण 1: दिन भर उपवास करें

सूर्य उदय से पूर्ण उपवास रखें। फल और दूध की अनुमति है। अनाज से परहेज करें। उपवास रात में चंद्र दर्शन के बाद ही तोड़ा जाता है।

चरण 2: शाम को गणेश पूजा

शाम को गणेश की मूर्ति के साथ पूजा स्थापित करें। दूर्वा घास (21 पत्तियों के समूह में), मोदक, लाल फूल, रोली और अक्षत अर्पित करें। दीया जलाएं और मूर्ति पर चंदन का तिलक लगाएं।

चरण 3: गणेश मंत्रों का जाप करें

जाप माला के साथ "ओम गं गणपतये नमः" का 108 बार जाप करें। यह गणेश का सबसे शक्तिशाली मंत्र है।

चरण 4: संकष्टी चतुर्थी व्रत कथा पढ़ें

कथा चंद्र दर्शन से पहले पढ़ी या सुनी जानी चाहिए। कहानी बताती है कि कैसे भगवान गणेश ने चतुर्थी पर एक राज्य को महान पीड़ा से मुक्त किया, जिससे इस व्रत को कठिनाई से मुक्ति का मार्ग स्थापित किया गया।

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चरण 5: चंद्र दर्शन (चंद्रोदय)

व्रत चतुर्थी की रात को चंद्रमा के दर्शन के बाद ही तोड़ा जाता है। चंद्रमा को जल (अर्घ्य) अर्पित करें — "ओम सोमाय नमः" — और फिर अपना व्रत तोड़ें। यह चंद्र दर्शन एक आवश्यक अनुष्ठान है जिसके बिना व्रत अधूरा है।

चरण 6: आरती करें और प्रसाद बांटें

गणेश की आरती करें। मोदक और लड्डू प्रसाद के रूप में वितरित करें।


अंगारकी चतुर्थी क्या है?

जब संकष्टी चतुर्थी मंगलवार (मंगलवार) को पड़ती है, तो यह अंगारकी चतुर्थी बन जाती है — जिसे वर्ष की सबसे शक्तिशाली संकष्टी माना जाता है। मंगल (शक्ति, साहस) और गणेश (बाधा निवारण) की संयुक्त ऊर्जा करियर, कानूनी मामलों और स्वास्थ्य में सबसे जिद्दी चुनौतियों को दूर करने के लिए विशेष रूप से शक्तिशाली होती है।


संकष्टी चतुर्थी मनाने के लाभ

  • करियर, व्यवसाय और जीवन के निर्णयों में बाधाओं का निवारण
  • शैक्षणिक सफलता और मन की स्पष्टता (गणेश बुद्धि के स्वामी हैं)
  • पारिवारिक संबंधों में सामंजस्य
  • वित्तीय ऋणों और कठिनाइयों से राहत
  • समग्र सकारात्मक ऊर्जा और उद्देश्य की स्पष्टता

एनआरआई के लिए संकष्टी चतुर्थी

व्रत दुनिया में कहीं भी रखा जा सकता है। अपने समय क्षेत्र में चंद्र दर्शन अनुष्ठान को सही ढंग से पूरा करने के लिए अपने स्थानीय चंद्रोदय का समय जांचें। हिंदी और अंग्रेजी में पूरी विधि के लिए हमारी ईबुक डाउनलोड करें।


अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या संकष्टी चतुर्थी हर महीने मनाई जाती है?

हाँ — यह प्रत्येक चंद्र माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी (चौथे दिन) को होती है, जिससे यह प्रति वर्ष 12-13 बार होती है।

अगर मैं बादलों के कारण चंद्रमा को नहीं देख पाता तो क्या होगा?

यदि चंद्रमा दिखाई नहीं देता है, तो बादल साफ होने तक प्रतीक्षा करें। यदि पूरी रात बादल छाए रहते हैं, तो अधिकांश परंपराएं आपको एक विशिष्ट समय (आमतौर पर अपेक्षित चंद्रोदय के 2 घंटे बाद) के बाद व्रत तोड़ने की अनुमति देती हैं। विशिष्ट मार्गदर्शन के लिए किसी पंडित से सलाह लें।

क्या पुरुष संकष्टी चतुर्थी का पालन कर सकते हैं?

हाँ — यह व्रत भगवान गणेश के सभी भक्तों के लिए है, लिंग की परवाह किए बिना।

विनायकी चतुर्थी क्या है?

विनायकी चतुर्थी शुक्ल पक्ष (बढ़ते चंद्रमा) की चतुर्थी है। जबकि संकष्टी प्रमुख मासिक व्रत है, कुछ भक्त अतिरिक्त पुण्य के लिए विनायकी का भी पालन करते हैं।


क्या आप भी भगवान गणेश के भक्त हैं?

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ओम गं गणपतये नमः। भगवान गणेश आपके मार्ग से हर बाधा को दूर करें। 🐘

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