संतोषी माता व्रत कथा ई-बुक – संपूर्ण शुक्रवार व्रत विधि और पूजा गाइड
For Your Puja & Sadhana
Instant delivery
Access After Payment
Receive your digital guide by email and WhatsApp after successful payment.
Guided practice
Clear Puja Guidance
Follow the included katha, puja vidhi, mantras and preparation guidance.
Read anywhere
Mobile-Friendly Access
Open the digital guide on your phone or computer in India or abroad.
सुरक्षित चेकआउट
आपका भुगतान एन्क्रिप्टेड है और सुरक्षित रूप से प्रोसेस किया जाता है।
UPI, कार्ड, वॉलेट और नेट बैंकिंग के विकल्प चेकआउट पर दिखेंगे।
इस ई-पुस्तक के बारे में
पूर्ण भक्ति के साथ संतोषी माता शुक्रवार व्रत का पालन करें। पहले ₹199 — अब मात्र ₹49। आपके ईमेल और व्हाट्सएप पर तुरंत डिलीवरी। इसमें पूरी व्रत कथा, शुक्रवार पूजा विधि स्टेप-बाय-स्टेप, संपूर्ण सामग्री सूची, उपवास के नियम (खट्टे भोजन के नियम की व्याख्या), और संतोषी माता की आरती शामिल है — हिंदी और अंग्रेजी में।
✅ इसमें क्या शामिल है
📖 संपूर्ण संतोषी माता व्रत कथा 📝 स्टेप-बाय-स्टेप शुक्रवार व्रत विधि
📊 पूरी सामग्री सूची 🕏 उपवास के नियम और खट्टे भोजन के नियम की व्याख्या
🎵 संतोषी माता आरती 🇮🇳 हिंदी और अंग्रेजी में उपलब्ध
⚡ तुरंत डाउनलोड करें — भुगतान करते ही ईमेल और व्हाट्सएप पर भेजा जाएगा
🙏 इनके लिए एकदम सही
घरेलू सुख चाहने वाली विवाहित महिलाएं • अच्छे पति के लिए व्रत रखने वाली अविवाहित महिलाएं • वास्तविक इच्छाओं की पूर्ति चाहने वाला कोई भी व्यक्ति • संयुक्त राज्य अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले अप्रवासी भारतीय
❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
संतोषी माता व्रत कैसे करें?
शुक्रवार (Friday) को सुबह स्नान करके संतोषी माता की पूजा करें। चने और गुड़ का प्रसाद चढ़ाएँ। व्रत कथा सुनें या पढ़ें। आरती करें। दिन में फलाहार करें — खटाई (खट्टा) बिलकुल ना खाएँ और ना घरवालो को खिलाएँ।
संतोषी माता व्रत में खटाई (खट्टा) क्यों नहीं खाते?
यह संतोषी माता के व्रत का सबसे इम्पोर्टेंट नियम है। आमचूर, इमली, नींबु, दही, विनेगर — कुछ भी खट्टा उस दिन घर में नहीं आना चाहिए। अगर भूल से खटाई खाई तो व्रत टूट जाता है और कथा में भी इसका प्रायश्चित बताया गया है।
संतोषी माता व्रत कितने शुक्रवार करना चाहिए?
संतोषी माता व्रत 16 कंसेक्यूटिव शुक्रवारों तक किया जाता है। कुछ लोग 5, 9, या 11 शुक्रवार भी करते हैं अपनी मन्नत के हिसाब से। उद्यापन पूजा से व्रत समाप्त होती है।
संतोषी माता व्रत में क्या प्रसाद चढ़ाते हैं?
चने (chickpeas) और गुड़ (jaggery) संतोषी माता का सबसे प्रिय प्रसाद है। केले और कोकोनट भी चढ़ा सकते हैं। प्रसाद में खटाई बिलकुल नहीं होनी चाहिए।
क्या यह eBook WhatsApp पर मिलेगा?
हाँ — परचेस के तुरंत बाद आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर WhatsApp मैसेज में डाउनलोड लिंक भेजा जाता है।
📖 अन्य व्रत भी करते हैं?
महालक्ष्मी व्रत कथा ई-बुक •
करवा चौथ व्रत कथा ई-बुक •
वट सावित्री व्रत कथा ई-बुक •
सभी 16 ई-बुक्स देखें →
जय संतोषी माता। वह आपके जीवन को संतोष और आनंद से भर दें। 🌼
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
इस ई-बुक या संग्रह में क्या-क्या शामिल है?
संतोषी माता शुक्रवार व्रत ई-बुक में कथा, क्रमवार पूजा, सामग्री, उपवास नियम और आरती हैं।
क्या इसमें संतोषी माता व्रत में खट्टी चीज़ों के नियम शामिल है?
हाँ। ई-बुक में शुक्रवार व्रत के साथ इस भोजन-नियम को समझाया है। परिवार की परंपरा अपनाएँ और स्वास्थ्य ज़रूरतों को प्राथमिकता दें।
यह किस भाषा में है?
एक ही PDF में हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों हैं।
क्या छपी पुस्तक मिलेगी या डिजिटल डाउनलोड?
यह डिजिटल PDF है, छपी पुस्तक या भौतिक पूजा किट नहीं। लिस्टिंग के अनुसार खरीद के बाद चेकआउट पर दिए संपर्क विवरण के माध्यम से ईमेल और WhatsApp पर पहुँच मिलती है।
