संतोषी माता व्रत कथा ई-बुक – संपूर्ण शुक्रवार व्रत विधि और पूजा गाइड
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इस ई-पुस्तक के बारे में
पूर्ण भक्ति के साथ संतोषी माता शुक्रवार व्रत का पालन करें। पहले ₹199 — अब मात्र ₹49। आपके ईमेल और व्हाट्सएप पर तुरंत डिलीवरी। इसमें पूरी व्रत कथा, शुक्रवार पूजा विधि स्टेप-बाय-स्टेप, संपूर्ण सामग्री सूची, उपवास के नियम (खट्टे भोजन के नियम की व्याख्या), और संतोषी माता की आरती शामिल है — हिंदी और अंग्रेजी में।
✅ इसमें क्या शामिल है
📖 संपूर्ण संतोषी माता व्रत कथा 📝 स्टेप-बाय-स्टेप शुक्रवार व्रत विधि
📊 पूरी सामग्री सूची 🕏 उपवास के नियम और खट्टे भोजन के नियम की व्याख्या
🎵 संतोषी माता आरती 🇮🇳 हिंदी और अंग्रेजी में उपलब्ध
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घरेलू सुख चाहने वाली विवाहित महिलाएं • अच्छे पति के लिए व्रत रखने वाली अविवाहित महिलाएं • वास्तविक इच्छाओं की पूर्ति चाहने वाला कोई भी व्यक्ति • संयुक्त राज्य अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले अप्रवासी भारतीय
❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
संतोषी माता व्रत कैसे करें?
शुक्रवार (Friday) को सुबह स्नान करके संतोषी माता की पूजा करें। चने और गुड़ का प्रसाद चढ़ाएँ। व्रत कथा सुनें या पढ़ें। आरती करें। दिन में फलाहार करें — खटाई (खट्टा) बिलकुल ना खाएँ और ना घरवालो को खिलाएँ।
संतोषी माता व्रत में खटाई (खट्टा) क्यों नहीं खाते?
यह संतोषी माता के व्रत का सबसे इम्पोर्टेंट नियम है। आमचूर, इमली, नींबु, दही, विनेगर — कुछ भी खट्टा उस दिन घर में नहीं आना चाहिए। अगर भूल से खटाई खाई तो व्रत टूट जाता है और कथा में भी इसका प्रायश्चित बताया गया है।
संतोषी माता व्रत कितने शुक्रवार करना चाहिए?
संतोषी माता व्रत 16 कंसेक्यूटिव शुक्रवारों तक किया जाता है। कुछ लोग 5, 9, या 11 शुक्रवार भी करते हैं अपनी मन्नत के हिसाब से। उद्यापन पूजा से व्रत समाप्त होती है।
संतोषी माता व्रत में क्या प्रसाद चढ़ाते हैं?
चने (chickpeas) और गुड़ (jaggery) संतोषी माता का सबसे प्रिय प्रसाद है। केले और कोकोनट भी चढ़ा सकते हैं। प्रसाद में खटाई बिलकुल नहीं होनी चाहिए।
क्या यह eBook WhatsApp पर मिलेगा?
हाँ — परचेस के तुरंत बाद आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर WhatsApp मैसेज में डाउनलोड लिंक भेजा जाता है।
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जय संतोषी माता। वह आपके जीवन को संतोष और आनंद से भर दें। 🌼
