




Pushpam
Pushpam Sundarkand | Handcrafted 123-Page Devotional Book
संस्कृत · देवनागरी · फूलों से बने कवर और रिसाइकल कागज़ पर छपे पृष्ठ
विवरण देखें
उत्पाद विवरण
वाल्मीकि रामायण का पाँचवाँ कांड, Sundarkand, माता सीता की खोज में हनुमानजी की लंका तक की असाधारण यात्रा का वर्णन करता है। समुद्र पार करने, सीता को खोजने और अपना कार्य पूरा करने की कथा उनके साहस, बुद्धिमत्ता, विनम्रता और श्रीराम के प्रति अटूट समर्पण को दर्शाती है।
इसकी दृश्य शैली पुरानी Pandulipi शैली से प्रेरित है, जो उन पारंपरिक भारतीय पांडुलिपियों की याद दिलाती है जिनमें पवित्र ग्रंथों को सावधानी से सुरक्षित रखकर पीढ़ी-दर-पीढ़ी सौंपा जाता था। हस्तनिर्मित कवर और धागे की बाइंडिंग इसे विरासत में मिलने वाले धर्मग्रंथ जैसा रूप देते हैं।
कवर हनुमानजी मंदिरों में पहले अर्पित किए गए फूलों के पुनः उपयोग से बनाया गया है, जिससे भक्तिपरक अर्पण को नया जीवन मिलता है। यह रूपांतरण Sundarkand की उस भावना को दर्शाता है जिसमें आस्था केवल व्यक्त नहीं होती, बल्कि उद्देश्यपूर्ण कर्म से आगे बढ़ती है।
पृष्ठ: 123 पृष्ठ
स्रोत: SUNDERKANDAM From Shrimad Valmiki Ramayan, by Gita Press Gorakhpur
भाषा: संस्कृत
उपयोग
नियमित या अवसर-विशेष Sundarkand पाठ के लिए।
घर के मंदिर और समर्पित पूजा-स्थल के लिए उपयुक्त।
Sundarkand पाठ और भक्तिपरक सभाओं के लिए उपयुक्त।
निजी धर्मग्रंथ संग्रह का हिस्सा बनाकर रखा जा सकता है।
पारिवारिक प्रार्थना और आध्यात्मिक चिंतन के लिए सार्थक।
गृह प्रवेश और धार्मिक उपहार के लिए उपयुक्त।
देखभाल मार्गदर्शिका
धूप, नमी और गर्मी से दूर रखें। साफ, सूखे हाथों से संभालें और मुलायम कपड़े से धीरे पोंछें।
उपयोग न होने पर ठंडी, सूखी जगह पर रखें।
लंबे समय तक सीधी धूप से बचाएँ।
अगरबत्ती की राख, दीये की लौ और अधिक गर्मी से दूर रखें।
हस्तनिर्मित कवर और धागे की बाइंडिंग को धीरे संभालें।
निर्मित एवं विपणनकर्ता
NuoTerra Innovations Pvt Ltd,
No. 12, Param Industrial Trade Park, Vejalpore,
Near GIDC Char Rasta, Valsad, Gujarat - 396035,
Email: contact@nuoterra.green
मूल देश: India
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
इस Sundarkand में कितने पृष्ठ हैं?
इस संस्करण में 123 पृष्ठ हैं।
यह संस्करण किस पाठ पर आधारित है?
ब्रांड के अनुसार इसका स्रोत Gita Press Gorakhpur द्वारा प्रकाशित Shrimad Valmiki Ramayan का Sunderkandam है।
पुस्तक की देखभाल कैसे करें?
साफ, सूखे हाथों से संभालें और हस्तनिर्मित कवर व पृष्ठों को नमी, सीधी धूप और लौ से दूर रखें।
लिपि और हस्तनिर्मित सामग्री
यह संस्कृत धर्मग्रंथ देवनागरी लिपि में प्रस्तुत है। पत्तियाँ (कवर) पवित्र पुष्प अर्पणों से बनी Pushpam की Pushpcycle™ सामग्री से बनाई गई हैं और ग्रंथ के पृष्ठ स्रोत किए गए रिसाइकल कागज़ पर छपे हैं।
Pushpam
Sundarkand · 123 पृष्ठों की हस्तनिर्मित पुस्तक
संस्कृत · देवनागरी · फूलों से बने कवर और रिसाइकल कागज़ पर छपे पृष्ठ





































































